कुंडली मे बारह भाव होते हे एवं प्रत्येक भाव मे एक राशि होती हे । वैसे तो आकाशमंडल मे अनेक ग्रह मौजूद हे लेकिन ज्योतिष शास्त्र मे मुख्य नव ग्रह से ही गणना की जाती हे । और यही नव ग्रह किसी ना किसी राशि का स्वामी होता हे । अब जिस भाव का स्वामी जिस किसी भी भाव मे रहता हे उसे भावस्थ कहते हे और उसी के अनुसार यह ग्रह हमारे जीवन पर प्रभाव डालते रहते हे ।
यहा हम सभी बारह भाव के राशिपति अलग अलग बारह भाव मे होने पर क्या फल प्रदान करते हे उसके बारे मे बता रहे हे और साथ मे अगर किसी भाव या ग्रह का किसी अन्य भाव या ग्रह से दृष्टि संबंध होने पर अगर कोई विशेष योग बनता हे तो उसके बारे मे भी जानकारी दे रहे हे।
कुंडली और भावस्थ के माध्यम से आप आसानी से जान सकते हे की आपकी कुंडली मे कौन कौन से विशेष योग बन रहे हे और उसके क्या परिणाम प्राप्त होगे ।
The horoscope has twelve expressions and each price has one sum. Well, there are many planets in the skyline, but in astrology, it is only calculated from the main planet. And this new planet is the owner of some amount of money. Now whatever spirit the lord lives on, he is called Bhastha, and according to him, this planet keeps on affecting our lives.
If we have all the twelve rupees of the zodiac sign, what are the fruits given in different twelve expressions, and if there is any particular yoga, if there is any other sense of a person or planet or a vision of the planet. So, I am giving information about it too.
Through the horoscope and Bhavastha you can easily know which special yoga is being made in your horoscope and what results will be achieved.